पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक अभिनव पहल है जो देश के छोटे व्यवसायियों और सूक्ष्म उद्यमियों को सशक्त बनाने का प्रयास करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को आर्थिक सहायता और अवसर प्रदान करना है जो पारंपरिक व्यवसायों और कौशल से जुड़े हुए हैं।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
योजना का लक्ष्य देश के विश्वकर्मा समुदाय के 18 से अधिक पारंपरिक व्यवसायों में कार्यरत लोगों को समर्थन देना है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, जिन्हें रोजगार के नए अवसर और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
पात्रता मापदंड
योजना में शामिल होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, और पारिवारिक गरीबी रेखा का राशन कार्ड होना आवश्यक है।
वित्तीय सहायता और लाभ
योजना के तहत पंजीकृत व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार के वित्तीय लाभ प्रदान किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, व्यवसाय में उपयोग होने वाले उपकरणों की खरीद के लिए 15,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
कौशल विकास और प्रशिक्षण
योजना एक महत्वपूर्ण पहलू कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती है। पंजीकृत लाभार्थियों को उनके व्यवसाय में दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किए जाते हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को 500 रुपये तक का वेतन भी दिया जाता है।
महिला सशक्तिकरण
योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला सशक्तिकरण है। देश की महिलाएं इस योजना के माध्यम से अपने पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत बना रही हैं और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण और स्टेटस की जांच
योजना के लाभार्थी आसानी से अपने पंजीकरण और लाभ की स्थिति की जांच कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके अपने पंजीकरण क्रमांक, मोबाइल नंबर और आधार नंबर की सहायता से पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मान्यता और प्रमाणपत्र
योजना के तहत पंजीकृत व्यक्तियों को उनके व्यवसाय में सहायता के लिए मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाते हैं। यह उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
बेनिफिशियरी सूची
सरकार समय-समय पर योजना के लाभार्थियों की सूची जारी करती है। पंजीकृत व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम जांच सकते हैं और अपनी स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना भारत के छोटे व्यवसायियों और पारंपरिक कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण में मदद कर रही है, बल्कि उन्हें नए अवसर और आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।