पीएम किसान योजना ने वर्ष 2018 से अब तक देश के करोड़ों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वर्ष 2025 की शुरुआत में सरकार ने इस योजना में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये नए नियम योजना को और अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के लिए लाए गए हैं।
केंद्र सरकार ने योजना की नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिनके नाम पर व्यक्तिगत जमीन है। दादा या परदादा के नाम पर दर्ज जमीन वाले किसानों को योजना से बाहर किया जा सकता है।
लाभार्थियों पर प्रभाव
सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 50% किसानों की जमीन उनके पूर्वजों के नाम पर है। यह नया नियम इन किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। हालांकि, यह कदम योजना को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
पंजीकरण और केवाईसी
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2018 और 2019 में पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक किस्त से पहले केवाईसी अनिवार्य है। साथ ही, फार्मर आईडी कार्ड की आवश्यकता और बैंक खातों में आधार तथा मोबाइल नंबर का लिंकेज भी जरूरी है।
वित्तीय सहायता का स्वरूप
योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की राशि दी जाती है, जो तीन किस्तों में 2,000 रुपये के रूप में वितरित की जाती है। वर्ष 2025 में इस राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पात्रता मानदंड
योजना के लिए पात्र होने हेतु किसान को भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए। चार पहिया वाहन या सरकारी नौकरी वाले व्यक्ति पात्र नहीं हैं।
डिजिटल पहल
सरकार ने योजना को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। लाभार्थी अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और किस्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है।
योजना का प्रभाव
पीएम किसान योजना ने देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया है। यह न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि कृषि से जुड़े अन्य लाभ भी उपलब्ध कराती है।
भविष्य की योजनाएं
सरकार योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। नए नियमों के साथ, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे।
पीएम किसान योजना 2025 के नए नियम योजना को और अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने का प्रयास है। यद्यपि कुछ किसानों को नए नियमों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह कदम दीर्घकालिक रूप से योजना को मजबूत बनाएगा।