PM Awas Yojana Survey: भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री आवास योजना का दूसरा चरण देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपना स्वयं का पक्का घर पाने का अवसर प्रदान करता है। यह योजना ग्रामीण भारत में आवास की समस्या को हल करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
1 अप्रैल 2016 को शुरू की गई यह योजना मूल रूप से ग्रामीण नागरिकों को मजबूत और स्थायी आवास प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई थी। इसका प्राथमिक लक्ष्य उन परिवारों की मदद करना है जिनके पास पक्के घर नहीं हैं या जिनके घर बहुत ही खराब स्थिति में हैं।
योजना का दूसरा चरण
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 2024-25 से 2028-29 तक के लिए मंजूरी दी है। इस नए चरण में सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्के घर के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 31 मार्च 2025 तक योजना के तहत पात्र परिवारों का चयन किया जाएगा।
सर्वेक्षण प्रक्रिया
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस योजना के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू की है। ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेयर सचिव और रोजगार सहायक को नियुक्त किया जाएगा जो सर्वेक्षण का काम करेंगे। इन अधिकारियों का मुख्य काम यह पता लगाना है कि किन परिवारों को इस योजना की आवश्यकता है।
आवास प्लस एप्लिकेशन
सर्वेक्षण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आवास प्लस 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। इस एप के माध्यम से पात्र ग्रामीण नागरिक स्वयं अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। एप को आवास सॉफ्ट पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
पात्रता मानदंड
योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो वास्तव में पात्रता रखते हैं। मुख्य रूप से, ऐसे परिवार जिनके पास पक्का घर नहीं है या जिनके घर बहुत ही खराब स्थिति में हैं, इस योजना के लिए प्राथमिकता में होंगे।
वित्तीय सहायता
सरकार पात्र परिवारों को पक्के घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने घर के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। यह सहायता उन्हें बेहतर और सुरक्षित आवास प्रदान करने में सहायक होगी।
सर्वेक्षण की समय सीमा
पीएम आवास योजना सर्वेक्षण को ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों और सर्वेयर द्वारा 31 मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवधि में देश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का दूसरा चरण ग्रामीण भारत के लिए एक आशा की किरण है। यह योजना न केवल आवास की समस्या को हल करने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार की इस पहल से लाखों ग्रामीण परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर का सपना साकार होने की उम्मीद है।
यह योजना भारत सरकार की गरीब कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास प्रदान करने का प्रयास करती है।