Gas Cylinder: हरियाणा सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना राज्य की लगभग 52 लाख महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
योजना का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ावा देना है। यह न केवल उनके स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि घरेलू खर्चों को भी कम करने में मदद करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार को स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिले।
वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
वर्तमान में, कुल लक्षित 52 लाख महिलाओं में से केवल 13 लाख ने ही पंजीकरण कराया है। इनमें 9 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और 4 लाख शहरी क्षेत्रों से हैं। कम पंजीकरण एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है, जिसके समाधान के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं।
पात्रता मानदंड
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी हो। उनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। साथ ही, परिवार पहचान पत्र और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन होना आवश्यक है। आयुष्मान कार्ड या बीपीएल राशन कार्ड धारक महिलाएं भी योजना के लिए योग्य हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया की सरलता
सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया है। इसके लिए epds.haryanafood.gov.in पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। आवेदक को अपने परिवार पहचान पत्र की जानकारी, गैस कनेक्शन विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर एक पंजीकरण संख्या प्राप्त होती है।
जागरूकता अभियान
कम पंजीकरण की समस्या से निपटने के लिए, सरकार ने सभी जिलों में जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन शिविरों का उद्देश्य महिलाओं को योजना की जानकारी देना और उन्हें पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करना है। जिला उपायुक्तों और खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आर्थिक लाभ और प्रभाव
500 रुपये में गैस सिलेंडर की उपलब्धता से परिवारों के मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह बचत अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकेगी। साथ ही, स्वच्छ ईंधन का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को भी कम करेगा।
अन्य योजनाओं से समन्वय
यह योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय योजनाओं के साथ समन्वय में कार्य करती है। इस एकीकृत दृष्टिकोण से योजना का प्रभाव और बढ़ जाता है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों को लाभ मिल सकता है।
भविष्य की योजनाएं
सरकार ने पांच फरवरी तक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान ग्राम स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां महिलाओं को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
हर घर-हर गृहिणी योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करेगी। सरकार की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता साबित होगी।