नए वर्ष 2025 की शुरुआत के साथ भारतीय रिजर्व बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के लिए कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए हैं। ये नए नियम न केवल बैंकों बल्कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और नैनो फाइनेंस कंपनियों पर भी लागू होंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य जमाकर्ताओं को अधिक सुरक्षा और सुविधा प्रदान करना है।
छोटी जमाराशियों के लिए नए प्रावधान
नए नियमों के अनुसार, ₹10,000 तक की छोटी जमाराशियों के लिए विशेष छूट दी गई है। जमाकर्ता अब तीन महीने के भीतर बिना किसी ब्याज दर या पेनल्टी के अपनी राशि निकाल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति 1 फरवरी को ₹8,000 की एफडी जमा करता है, तो वह 30 अप्रैल तक बिना किसी कटौती के अपनी पूरी राशि निकाल सकता है। यह प्रावधान विशेष रूप से छोटे निवेशकों के लिए लाभदायक साबित होगा।
बड़ी जमाराशियों के लिए आंशिक निकासी का विकल्प
₹10,000 से अधिक की जमाराशियों के लिए भी नए नियम लाचीलापन प्रदान करते हैं। ऐसे जमाकर्ता तीन महीने के भीतर या तो मूल राशि का 50 प्रतिशत या ₹5 लाख, जो भी कम हो, निकाल सकते हैं। यह सुविधा बिना किसी ब्याज के मिलेगी, जबकि शेष राशि पर मूल ब्याज दर लागू रहेगी। उदाहरणस्वरूप, ₹12 लाख की एफडी में से जमाकर्ता ₹5 लाख तक की राशि निकाल सकता है, और शेष ₹7 लाख पर निर्धारित ब्याज मिलता रहेगा।
जानकारी प्रदान करने में सुधार
आरबीआई ने एनबीएफसी और एचएफसी के लिए ग्राहक सूचना नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहले जहां एफडी की परिपक्वता की सूचना दो महीने पहले दी जाती थी, अब यह जानकारी कम से कम 14 दिन पहले देना अनिवार्य होगा। इस बदलाव से निवेशकों को अपने वित्तीय निर्णय बेहतर ढंग से लेने में मदद मिलेगी।
आपातकालीन स्थितियों में राहत
नए नियमों में गंभीर बीमारी जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसी परिस्थितियों में जमाकर्ता आसानी से अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा विशेषकर स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण साबित होगी।
वित्तीय योजना पर प्रभाव
नए नियमों का प्रभाव व्यक्तिगत वित्तीय योजना पर भी पड़ेगा। जमाकर्ताओं को अब अपनी एफडी के साथ-साथ अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार करना होगा। नियमित जानकारी प्राप्त होने से बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद मिलेगी, और छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय जोखिम कम होगा।
सावधानियां और सुझाव
जमाकर्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, अपनी बैंक या एनबीएफसी से नए नियमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। आपातकालीन स्थितियों के लिए आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। एफडी की अवधि का चयन सोच-समझकर करें और विभिन्न निवेश विकल्पों का मूल्यांकन करें।
आरबीआई के नए नियम जमाकर्ताओं के हित में एक सकारात्मक कदम हैं। ये नियम विशेषकर छोटे निवेशकों और आपातकालीन स्थितियों में राहत प्रदान करेंगे। हालांकि, प्रारंभिक निकासी पर ब्याज न मिलना और बैंकों को अधिक तरलता बनाए रखने की आवश्यकता कुछ चुनौतियां पेश कर सकती हैं। जमाकर्ताओं को इन नियमों का लाभ उठाते हुए अपनी वित्तीय योजना को समझदारी से बनाना होगा।