वर्तमान समय में भारतीय अर्थव्यवस्था में 100 रुपये का नोट सबसे अधिक प्रचलित मुद्रा है। हालांकि 500 रुपये का नोट सबसे बड़ा मूल्यवर्ग है, लेकिन दैनिक लेन-देन में 100 रुपये का नोट सर्वाधिक उपयोग में आता है। इस व्यापक प्रचलन के कारण, नकली नोटों की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नकली नोटों की बढ़ती चुनौती
बाजार में 100 रुपये के नकली नोटों का प्रचलन चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया है। यह स्थिति न केवल आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा है। आरबीआई के अनुसार, हाल के महीनों में नकली नोटों के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसके कारण यह नए दिशा-निर्देश जारी करना आवश्यक हो गया है।
असली नोट की पहचान: वाटर मार्क विशेषताएं
100 रुपये के असली नोट में कई विशिष्ट सुरक्षा विशेषताएं होती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है वाटर मार्क, जिसमें वर्टिकल बैंड पर एक विशेष फ्लोरल डिजाइन होता है। इस वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी का चित्र और अंक ‘100’ स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह विशेषता नोट को प्रकाश के सामने रखकर आसानी से देखी जा सकती है।
नोट में मौजूद सुरक्षा धागा एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान है। इस धागे पर “भारत” और “भारतीय रिजर्व बैंक” शब्द अंकित होते हैं। यह धागा विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जिसका रंग अलग-अलग कोणों से देखने पर हरे से नीले में बदलता रहता है। यह रंग परिवर्तन नकली नोटों में नहीं पाया जाता।
टेक्स्ट और डिजाइन विशेषताएं
असली नोट में वर्टिकल बैंड और महात्मा गांधी के चित्र के बीच स्पष्ट रूप से “आरबीआई” और “100” अंकित होते हैं। इन अक्षरों की स्पष्टता और गुणवत्ता भी नोट की प्रामाणिकता का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। नकली नोटों में यह छपाई अक्सर धुंधली या अस्पष्ट होती है।
सावधानियां और जागरूकता
आम नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि वे नोटों का लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें। नोट स्वीकार करते समय उपरोक्त सभी सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें। विशेषकर बड़े लेन-देन में या अपरिचित व्यक्तियों से नोट लेते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
आगे की राह
भारतीय रिजर्व बैंक लगातार मुद्रा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन करें और संदिग्ध नोटों की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। जागरूकता ही नकली मुद्रा के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
100 रुपये के नोट की सुरक्षा विशेषताओं की जानकारी रखना प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। आरबीआई के नए दिशा-निर्देश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। सतर्कता और जागरूकता के माध्यम से ही नकली मुद्रा की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। यह न केवल व्यक्तिगत वित्तीय सुरक्षा के लिए, बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।